ऐतिहासिक व खंडहर खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी
प्राच्य पांडुलिपियों के विश्व के सबसे प्रसिद्ध भंडारों में से एक, जो 1891 में जनता के लिए खोला गया। राष्ट्रीय महत्व की यह संस्था हज़ारों दुर्लभ अरबी व फ़ारसी पांडुलिपियाँ तथा मुग़ल व राजपूत काल की लघुचित्र कृतियाँ संजोए है, जो इसे विद्वानों और इतिहासप्रेमियों के लिए खज़ाना बनाती है।