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🏰 किले व महल

5 स्थल मिले

कैमूर पठार पर पहाड़ी शिखर पर स्थित रोहतासगढ़ किले के खंडहर और प्रवेश द्वार किले व महल

रोहतासगढ़ किला

📍 Rohtas

सोन नदी के ऊपर कैमूर पठार पर ऊँचाई पर स्थित एक विशाल, फैला हुआ पहाड़ी किला, जो कई किलोमीटर में फैला है। हिंदू और बाद में मुग़लकालीन इतिहास से समृद्ध, इसमें घने जंगल के बीच महल, मंदिर, मस्जिदें और द्वार हैं। यहाँ पहुँचने के लिए खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है, जिसके बदले में भव्य खंडहर और घाटी के विहंगम दृश्य मिलते हैं।

गंगा नदी को देखता मुंगेर किले की प्राचीर और प्रवेश द्वार किले व महल

मुंगेर किला

📍 Munger

गंगा के दक्षिणी तट पर एक ऐतिहासिक नदी किनारे का किला, जो एक चट्टानी उभार पर बना है और कभी मध्यकालीन शासकों का गढ़ था। 18वीं सदी में यह बंगाल के नवाब मीर क़ासिम का ठिकाना रहा। इसकी दीवारों के भीतर पुराने द्वार, महल, मक़बरे और औपनिवेशिक इमारतें तथा नदी के सुंदर दृश्य हैं।

पूर्णिया के पास जलालगढ़ किले की ऊँची जर्जर ईंट की दीवारें किले व महल

जलालगढ़ किला

📍 Purnia

पूर्णिया के उत्तर में स्थित 300 वर्ष से अधिक पुराना जर्जर किला, जिसे इस क्षेत्र के मुग़लकालीन शासकों ने नेपाल सीमा से होने वाले आक्रमणों से रक्षा हेतु बनवाया। ऊँची दीवारों और मज़बूत द्वारों वाले इस बड़े चतुर्भुजाकार किले में कभी हज़ारों सैनिक रहते थे। अब झाड़ियों से ढका और रहस्यमय, यह उत्तरपूर्वी बिहार के मैदानों के बीच एक राज्य संरक्षित स्मारक है।

राजनगर में नवलखा पैलेस का भूकंप से जर्जर भव्य अग्रभाग किले व महल

नवलखा पैलेस, राजनगर

📍 Madhubani

मधुबनी के पास राजनगर में दरभंगा राज का भव्य, अब जर्जर हो चुका राजमहल, जिसे महाराजा रामेश्वर सिंह ने 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी के आरंभ में बनवाया। महलों और मंदिरों वाली विशाल संपदा में फैला यह अपने समय की बेहतरीन वास्तुकला की टक्कर का था। 1934 के बिहार–नेपाल भूकंप से ध्वस्त होने के बाद भी इसके भव्य खंडहर मिथिला की राजसी शान की झलक देते हैं।

प्राचीरयुक्त दरभंगा राज किले के भीतर धरोहर रामबाग पैलेस किले व महल

दरभंगा राज / रामबाग पैलेस

📍 Darbhanga

दरभंगा राज का ऐतिहासिक किला और महल परिसर — ब्रिटिश भारत की सबसे बड़ी ज़मींदारी संपदाओं में से एक। प्राचीरयुक्त परिसर में पुराना रामबाग पैलेस तथा आनंद बाग और नरगोना पैलेस शामिल हैं। मिथिला की राजसी धरोहर का प्रतीक, इसकी भव्य वास्तुकला दरभंगा के महाराजाओं की समृद्धि और सांस्कृतिक संरक्षण को दर्शाती है।