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राजनगर में नवलखा पैलेस का भूकंप से जर्जर भव्य अग्रभाग

Photo: Jitagna / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

📍 Madhubani, North Bihar, Bihar

क्यों जाएँ

मधुबनी के पास राजनगर में दरभंगा राज का भव्य, अब जर्जर हो चुका राजमहल, जिसे महाराजा रामेश्वर सिंह ने 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी के आरंभ में बनवाया। महलों और मंदिरों वाली विशाल संपदा में फैला यह अपने समय की बेहतरीन वास्तुकला की टक्कर का था। 1934 के बिहार–नेपाल भूकंप से ध्वस्त होने के बाद भी इसके भव्य खंडहर मिथिला की राजसी शान की झलक देते हैं।

परिचय

राजनगर स्थित नवलखा पैलेस (जिसे राजनगर पैलेस भी कहते हैं) को लगभग 1884 से 1920 के दशक के बीच महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह के छोटे भाई महाराजा रामेश्वर सिंह ने दरभंगा राज की प्रशासनिक राजधानी के रूप में बनवाया। कमला नदी के किनारे एक बड़ी संपदा में फैले इस विशाल परिसर में कई मंदिर, किले और महल भवन थे।

अपनी भव्य नक़्क़ाशी और यूरोपीय प्रभाव वाली बनावट के लिए प्रसिद्ध — जिसे कभी-कभी "बिहार का इटैलियन ल्यूटियंस" कहा जाता है — यह महल 1934 के बिहार–नेपाल भूकंप में भारी क्षतिग्रस्त हुआ और फिर कभी नहीं बना। जो बचा है वे प्रभावशाली खंडहर हैं: ढहते अग्रभाग, अलंकृत मंदिर (संगमरमर के काली मंदिर सहित) और बिखरी मूर्तियाँ, जो मिथिला के इतिहास में डूबे एक शांत, रहस्यमय परिदृश्य में स्थित हैं।

कैसे पहुँचें

  • हवाई मार्ग: दरभंगा हवाई अड्डा (60 किमी) निकटतम है; पटना हवाई अड्डा (190 किमी) से व्यापक संपर्क है।
  • रेल मार्ग: मधुबनी (10 किमी) और दरभंगा जंक्शन (50 किमी) निकटतम रेलहेड हैं।
  • सड़क मार्ग: मधुबनी होते हुए दरभंगा से लगभग 50 किमी; राजनगर तक टैक्सी या स्थानीय परिवहन से पहुँचा जा सकता है।

घूमने का सही समय

अक्टूबर से मार्च, जब खंडहर घूमने के लिए मौसम ठंडा और सुविधाजनक रहता है।

गैलरी

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मधुबनी: मिथिला चित्रकला क्षेत्र

📍 Madhubani

मधुबनी (मिथिला) चित्रकला का केंद्र, जो मिथिला क्षेत्र की सदियों पुरानी लोक कला परंपरा है और मुख्यतः महिलाओं द्वारा निभाई जाती है। 2007 में भौगोलिक संकेत (GI) टैग से मान्यता प्राप्त यह कला जितवारपुर और रांटी जैसे गाँवों में जीवंत होती है, जहाँ आप कलाकारों से मिल सकते हैं, उन्हें काम करते देख सकते हैं और सीधे उनसे प्रामाणिक चित्र खरीद सकते हैं।

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हिंदू मंदिर

उच्चैठ भगवती मंदिर

📍 Madhubani

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प्राचीरयुक्त दरभंगा राज किले के भीतर धरोहर रामबाग पैलेस किले व महल

दरभंगा राज / रामबाग पैलेस

📍 Darbhanga

दरभंगा राज का ऐतिहासिक किला और महल परिसर — ब्रिटिश भारत की सबसे बड़ी ज़मींदारी संपदाओं में से एक। प्राचीरयुक्त परिसर में पुराना रामबाग पैलेस तथा आनंद बाग और नरगोना पैलेस शामिल हैं। मिथिला की राजसी धरोहर का प्रतीक, इसकी भव्य वास्तुकला दरभंगा के महाराजाओं की समृद्धि और सांस्कृतिक संरक्षण को दर्शाती है।

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वन्यजीव व अभयारण्य

कुशेश्वर अस्थान पक्षी अभयारण्य

📍 Darbhanga

दरभंगा के कुशेश्वर अस्थान प्रखंड में स्थित मौसमी रूप से जलमग्न होने वाली आर्द्रभूमि, जो कमला नदी के अतिप्रवाह से पोषित होती है। हर सर्दी में यह मंगोलिया और साइबेरिया से आने वाले हज़ारों प्रवासी पक्षियों का ठिकाना बन जाती है, जिनमें कई संकटग्रस्त प्रजातियाँ शामिल हैं। 1994 में अधिसूचित यह उत्तर बिहार के जलपक्षियों के महत्वपूर्ण आश्रयों में से एक है।

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