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सासाराम के पास कैमूर पहाड़ी की गुफा में स्थित माँ तारा चंडी शक्तिपीठ

Photo: Anand mohan Rai / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

तारा चंडी शक्तिपीठ, सासाराम

📍 Rohtas, West Bihar, Bihar

क्यों जाएँ

माँ तारा (दुर्गा/शक्ति का स्वरूप) को समर्पित पूजनीय शक्तिपीठों में से एक, जो सासाराम के पास कैमूर पहाड़ी की एक प्राकृतिक गुफा में बसा है। परंपरा के अनुसार यहाँ देवी सती की दाहिनी आँख गिरी थी। झरनों और चट्टानों वाला शांत पहाड़ी परिवेश इसे पवित्र और रमणीय दोनों बनाता है, जहाँ नवरात्रि में तीर्थयात्री उमड़ पड़ते हैं।

परिचय

माँ तारा चंडी मंदिर विंध्य/कैमूर श्रृंखला की एक प्राकृतिक गुफा में स्थित एक हिंदू शक्ति मंदिर है, जो सासाराम नगर से लगभग 6 किमी दूर है। शक्तिपीठों में गिना जाने वाला यह मंदिर उस स्थान को दर्शाता माना जाता है जहाँ सती की एक आँख गिरी थी, और यह पश्चिमी बिहार में देवी उपासना का प्रमुख केंद्र है।

आध्यात्मिक आकर्षण के अलावा यह स्थल अपने परिवेश के लिए भी सराहा जाता है — चट्टानी पहाड़, हरियाली और शांत गुफा गर्भगृह। थोड़ी दूरी पर क्षेत्र का ऐतिहासिक तारचंडी शिलालेख भी है।

  • माँ तारा का गुफा गर्भगृह — शक्तिपीठ का केंद्र।
  • पहाड़ी परिवेश — रमणीय कैमूर भूदृश्य।
  • नवरात्रि मेले — सबसे व्यस्त और जीवंत समय।

कैसे पहुँचें

  • हवाई मार्ग: वाराणसी हवाई अड्डा (120 किमी) और गया हवाई अड्डा (110 किमी) सबसे निकट हैं।
  • रेल मार्ग: सासाराम जंक्शन (~6 किमी) दिल्ली–कोलकाता मुख्य लाइन पर है।
  • सड़क मार्ग: मंदिर सासाराम से लगभग 6 किमी पूर्व में NH-19 (ग्रैंड ट्रंक रोड) से हटकर है; नगर से ऑटो और टैक्सी चलती हैं।

घूमने का सही समय

अक्टूबर से मार्च; चैत्र और शारदीय नवरात्रि पर सबसे अधिक भीड़ होती है।

आसपास के स्थल

सासाराम में झील के बीच से उठता शेरशाह सूरी का गुंबददार लाल बलुआ पत्थर का मक़बरा ऐतिहासिक व खंडहर

शेरशाह सूरी का मक़बरा, सासाराम

📍 Rohtas

16वीं सदी के महान सम्राट शेरशाह सूरी का भव्य मक़बरा, जिन्होंने सूर वंश की स्थापना की और ग्रैंड ट्रंक रोड बनवाया। लाल बलुआ पत्थर का यह विशाल गुंबददार मक़बरा एक कृत्रिम झील के बीच पत्थर के चबूतरे पर भव्य रूप से खड़ा है, जिसे पूर्वी भारत में इंडोइस्लामिक वास्तुकला के बेहतरीन उदाहरणों में गिना जाता है।

सासाराम के पास कैमूर पहाड़ियों से धुँधली फुहार के साथ गिरता धुआँ कुंड जलप्रपात प्रकृति व झरने

धुआँ कुंड जलप्रपात

📍 Rohtas

सासाराम के पास कैमूर श्रेणी में एक ऊँचा, भव्य जलप्रपात, जिसके गिरने से इतनी फुहार उठती है कि वह धुएँ जैसा दिखता है — इसीलिए इसका नाम 'धुआँ' कुंड पड़ा। यह लोकप्रिय पारिस्थितिकीपर्यटन और पिकनिक स्थल मानसून में सबसे सुंदर लगता है। आसपास के जंगल में ट्रेकिंग, कैंपिंग और पक्षीदर्शन संभव है।

सासाराम के पास कैमूर श्रेणी में चट्टानी कुंड में गिरता मांझर कुंड जलप्रपात प्रकृति व झरने

मांझर कुंड

📍 Rohtas

सासाराम के पास कैमूर श्रेणी में एक मनोरम मौसमी जलप्रपात, जहाँ पानी चट्टानी सीढ़ियों से होते हुए एक गहरे प्राकृतिक कुंड में गिरता है। जंगल से घिरा यह मानसून का लोकप्रिय पिकनिक स्थल अपने जुड़वाँ धुआँ कुंड के पास स्थित है। हराभरा परिवेश और ठंडी फुहार इसे रोहतास क्षेत्र का पसंदीदा सप्ताहांत स्थल बनाते हैं।

कैमूर पठार पर पहाड़ी शिखर पर स्थित रोहतासगढ़ किले के खंडहर और प्रवेश द्वार किले व महल

रोहतासगढ़ किला

📍 Rohtas

सोन नदी के ऊपर कैमूर पठार पर ऊँचाई पर स्थित एक विशाल, फैला हुआ पहाड़ी किला, जो कई किलोमीटर में फैला है। हिंदू और बाद में मुग़लकालीन इतिहास से समृद्ध, इसमें घने जंगल के बीच महल, मंदिर, मस्जिदें और द्वार हैं। यहाँ पहुँचने के लिए खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है, जिसके बदले में भव्य खंडहर और घाटी के विहंगम दृश्य मिलते हैं।

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