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पटना में विशाल गांधी मैदान के पास स्थित गांधी संग्रहालय भवन

Photo: KhojKaBojh / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

गांधी मैदान एवं गांधी संग्रहालय

📍 Patna, South Bihar, Bihar

क्यों जाएँ

गांधी मैदान भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक मैदानों में से एक है, जो पटना के केंद्र में स्वतंत्रता आंदोलन की सभाओं और जनसमूह का ऐतिहासिक मंच रहा है। इसके किनारे गांधी संग्रहालय स्थित है, जो चित्रों, दस्तावेज़ों और मॉडलों के माध्यम से महात्मा गांधी के जीवन और बिहार से उनके गहरे संबंध की कहानी बताता है।

परिचय

गांधी मैदान पटना के केंद्र में फैला एक ऐतिहासिक मैदान है, जो लंबे समय से राजनीतिक सभाओं, उत्सवों और स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख केंद्र रहा है। यह आज भी शहर का प्रिय खुला स्थान है।

इसके उत्तर-पश्चिमी किनारे पर गांधी संग्रहालय स्थित है, जिसकी स्थापना 1967 में हुई। एक जन-सेवा संस्थान के रूप में संचालित यह संग्रहालय महात्मा गांधी की चित्रात्मक जीवनी प्रस्तुत करता है:

  • चित्र व दस्तावेज़ दीर्घाएँ — गांधी के जीवन और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का वर्णन।
  • मॉडल व स्मृति-चिह्न — बिहार में गांधी के कार्य, जैसे चंपारण सत्याग्रह, को दर्शाते हुए।
  • पुस्तकालय व श्रव्य-दृश्य सामग्री — गांधीवादी विचार व दर्शन पर आधारित।

कैसे पहुँचें

  • हवाई मार्ग: जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना लगभग 7 किमी दूर है।
  • रेल मार्ग: पटना जंक्शन (~3 किमी) निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन है।
  • सड़क मार्ग: गांधी मैदान केंद्रीय रूप से स्थित एक प्रमुख केंद्र है; शहरी बसें, ऑटो और टैक्सी पटना के सभी हिस्सों से यहाँ पहुँचती हैं।

घूमने का सही समय

अक्टूबर से मार्च। संग्रहालय दिन में देखना उत्तम है; मैदान शामों में जीवंत रहता है।

आसपास के स्थल

पटना में सर्पिल सीढ़ियों वाला गुंबदाकार अन्न भंडार गोलघर ऐतिहासिक व खंडहर

गोलघर, पटना

📍 Patna

1786 में अंग्रेज़ों द्वारा अकाल से बचाव हेतु राजकीय अन्न भंडार के रूप में बनाया गया मधुमक्खी के छत्ते जैसा भव्य गोलघर। इसकी दो बाहरी सर्पिल सीढ़ियाँ (प्रत्येक में 145 पायदान) ऊपर तक जाती हैं, जहाँ से गंगा और पटना का विहंगम दृश्य दिखता है। यह शहर की सबसे पहचानी जाने वाली औपनिवेशिक धरोहरों में से एक है।

पटना में गंगा तटवर्ती क्षेत्र पर स्थित सभ्यता द्वार का ऊँचा बलुआ पत्थर का तोरण शहर व कस्बे

सभ्यता द्वार एवं गंगा तटवर्ती क्षेत्र, पटना

📍 Patna

सभ्यता द्वार, यानी 'सभ्यता का प्रवेशद्वार', गंगा के तट पर स्थित एक भव्य 32 मीटर ऊँचा बलुआ पत्थर का तोरण है, जो बिहार की प्राचीन विरासत और सभ्यतागत धरोहर का उत्सव मनाने के लिए बनाया गया है। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र और विकसित होते गंगा तटवर्ती क्षेत्र (मरीन ड्राइव) के पास स्थित यह शाम की सैर और तस्वीरों के लिए एक पसंदीदा स्थान है।

पटना के शहीद स्मारक पर राष्ट्रध्वज थामे सात युवा शहीदों की कांस्य प्रतिमाएँ स्मारक

शहीद स्मारक (शहीद स्मृति), पटना

📍 Patna

यह मार्मिक स्मारक उन सात युवा विद्यार्थियों को समर्पित है, जिन्हें 11 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान सचिवालय पर राष्ट्रध्वज फहराने का प्रयास करते समय ब्रिटिश पुलिस ने गोली मार दी थी। देवी प्रसाद रायचौधरी द्वारा गढ़ी गई कांस्य प्रतिमाएँ बिहार सचिवालय के बाहर उनके बलिदान की स्थायी श्रद्धांजलि के रूप में खड़ी हैं।

ऐतिहासिक पटना संग्रहालय का औपनिवेशिक इंडो-सारसेनिक भवन संग्रहालय

पटना संग्रहालय (जादू घर)

📍 Patna

भारत के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक, जिसकी स्थापना 1917 में हुई और स्थानीय लोग इसे प्यार से 'जादू घर' कहते हैं। सुंदर इंडोसारसेनिक शैली में बना यह संग्रहालय बिहार के प्राचीन, मध्यकालीन व आधुनिक अतीत की हज़ारों कलाकृतियाँ संजोए है, जिनमें बुद्ध अवशेष मंजूषा और दुर्लभ पत्थर व कांस्य मूर्तियाँ शामिल हैं।

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