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मनेर शरीफ़ में तालाब से घिरा गुंबददार छोटी दरगाह का मक़बरा

Photo: Akashshot01 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

📍 Patna, South Bihar, Bihar

क्यों जाएँ

पटना के पश्चिम में एक पूज्य सूफ़ी तीर्थ केंद्र, जहाँ दो प्रसिद्ध दरगाहें हैं — 13वीं–14वीं सदी के संत मख़दूम याह्या मनेरी की बड़ी दरगाह और मख़दूम शाह दौलत की सुंदर छोटी दरगाह। 1616 में बनी छोटी दरगाह एक बड़े तालाब के किनारे स्थित एक बेहतरीन मुग़लकालीन मक़बरा है, जो सभी धर्मों के श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।

परिचय

मनेर शरीफ़ पटना से लगभग 25–30 किमी पश्चिम में स्थित एक ऐतिहासिक कस्बा है, जो मध्यकाल में इस्लामी शिक्षा और सूफ़ीवाद का प्रमुख केंद्र था। यह अपनी दो दरगाहों के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है:

  • बड़ी दरगाह — प्रसिद्ध सूफ़ी संत मख़दूम याह्या मनेरी (कमालुद्दीन याह्या मनेरी, मृत्यु 1323) का मक़बरा, उनके पूर्वजों के मक़बरे के पास।
  • छोटी दरगाह — मख़दूम शाह दौलत का मक़बरा, जिसे बिहार के सूबेदार इब्राहीम ख़ान कक़र ने बनवाया और 1616 में पूरा हुआ। यह एक भव्य तीन-मंज़िला गुंबददार संरचना है जिसमें बारीक नक़्क़ाशी है, जो कुएँ से भरे एक बड़े पत्थर के तालाब के किनारे खड़ी है।

इन दरगाहों पर सभी समुदायों के तीर्थयात्री आते हैं, विशेषकर वार्षिक उर्स के दौरान।

कैसे पहुँचें

  • हवाई मार्ग: जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना (~30 किमी)।
  • रेल मार्ग: पटना जंक्शन (~30 किमी) निकटतम प्रमुख रेलहेड है; दानापुर स्टेशन अधिक निकट है।
  • सड़क मार्ग: दानापुर होते हुए पटना के पश्चिम में NH-30/NH-922 पर; पटना से नियमित बसें, ऑटो और टैक्सियाँ चलती हैं।

घूमने का सही समय

अक्टूबर से मार्च। संतों का वार्षिक उर्स बड़ी भीड़ जुटाता है।

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