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नवादा की एकतारा पहाड़ियों के बीच प्राकृतिक कुंड में गिरता ककोलत जलप्रपात

Photo: Vivekobey / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

ककोलत जलप्रपात

📍 Nawada, South Bihar, Bihar

क्यों जाएँ

बिहार के सबसे प्रसिद्ध और ऊँचे जलप्रपातों में से एक, जो एकतारा पहाड़ियों से लगभग 150–160 फीट नीचे प्राकृतिक कुंड में गिरता है। यह पिकनिक और स्नान के लिए बेहद लोकप्रिय स्थल है, जहाँ गर्मी और मानसून में भारी भीड़ उमड़ती है। एक कथा इसे उस राजा से जोड़ती है जिसे श्राप के कारण सर्प रूप मिला और जो यहाँ मुक्त हुआ।

परिचय

नवादा ज़िले के गोविंदपुर प्रखंड की वनाच्छादित एकतारा पहाड़ियों के बीच स्थित ककोलत जलप्रपात को बिहार के सबसे बड़े जलप्रपातों में गिना जाता है। यहाँ पानी लगभग 150–160 फीट की ऊँचाई से एक बड़े प्राकृतिक कुंड में गिरता है, जहाँ लोग स्नान करते हैं। हरे-भरे परिवेश और ठंडी फुहार के कारण यह मानसून के दौरान और उसके तुरंत बाद पसंदीदा स्थल बन जाता है।

स्थानीय कथा के अनुसार श्रापवश एक राजा अजगर रूप में इस कुंड में रहता था, जो पांडवों के वनवास काल में मुक्त हुआ; माना जाता है कि यहाँ स्नान करने से सर्प-योनि के पुनर्जन्म से मुक्ति मिलती है। हर वर्ष विषुव संक्रांति (अप्रैल) के आसपास यहाँ बड़ा मेला लगता है।

  • सुरक्षा सूचना: झरने के आसपास की चट्टानें फिसलन भरी हैं और कुंड गहरा हो सकता है जहाँ तेज़ धारा रहती है। भारी मानसून प्रवाह के दौरान पास न जाएँ, बच्चों पर नज़र रखें और स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।

कैसे पहुँचें

  • हवाई मार्ग: निकटतम गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (85 किमी) है; पटना हवाई अड्डा (165 किमी) से अधिक उड़ानें उपलब्ध हैं।
  • रेल मार्ग: नवादा रेलवे स्टेशन (~33 किमी) गया और लखीसराय से जुड़ा है। निकटतम प्रमुख रेलहेड गया जंक्शन है।
  • सड़क मार्ग: नवादा (~33 किमी) से बसें, टैक्सी और ऑटो चलती हैं। आख़िरी मोड़ थाली बाज़ार के पास है, जो झरने से लगभग 4 किमी दूर है। नवादा पटना से करीब 3.5 घंटे दूर है।

घूमने का सही समय

जुलाई से नवंबर, जब मानसून और मानसून-पश्चात प्रवाह सबसे तेज़ रहता है और परिवेश हरा-भरा होता है।

गैलरी

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📍 Nalanda

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📍 Nalanda

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राजगीर

📍 Nalanda

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